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Updated on October 29, 2020 4:57 pm
Thursday, October 29, 2020
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    एसएमएस ओपीडी 10000 से घटकर 5000 और आईपीडी 500 से भी कम हुई


    जयपुर13 मिनट पहले

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    • सवाल : अस्पतालों में मरीज नहीं, क्या खत्म हो गई हैं बीमारियां
    • जवाब : गंभीर बीमारी के मरीज भी फोन पर ले रहे डॉक्टरी सलाह

    कोरोना भले ही कंट्रोल में आ रहा है लेकिन अस्पतालों में मरीज आने से कतरा रहे हैं। बहुत ही अधिक जरूरी होने या गंभीर स्थिति होने पर ही लोग अस्पतालों तक पहुंच रहे हैं। कोरोना की चपेट में आने से बचने, डॉक्टर्स से ऑनलाइन ही जानकारी लेना सहित अनेक ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से लोग अस्पतालों तक नहीं पहुंच रहे हैं।

    प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में भी यही स्थिति है। हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस अस्पताल में ओपीडी 10000 तक होती थी अब आधी रह गई है। जिस अस्पताल में बेड लेने के लिए मारामारी करनी पड़ती थी, सिफारिशें लगती थी वहां वार्ड खाली पड़े हैं। यह हाल तो तब है कि जब प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी मरीज यहां भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद अस्पतालों में मरीज नहीं हैं।

    ऐसा इन वजहों से

    • लोग अस्पतालाें में आने से डर रहे हैं। कोरोना होने का भय इतना है कि लोग अस्पतालों में आना ही नहीं चाहते।
    • डॉक्टर्स भी नहीं चाह रहे कि लोग छोटी बीमारियों की वजह से अस्पतालों में आएं, क्योंकि उन्हें अस्पतालों में खतरा तो है ही।
    • बच्चे लंबे समय से घरों में ही रह रहे हैं। अच्छा खाना और इंफेक्शन से दूर होने की वजह से बीमार होने से बच रहे हैं। यह अच्छा संकेत हैं।
    • न्यूरो, काडियो, बीपी, शूगर के बढ़ने या जरा सी परेशानी होने पर पहले लोग अस्पतालों में आते थे, अब वे डॉक्टर से परामर्श कर ही दवाएं ले रहे हैं।

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट
    यह दोनों ही मायनों में देखने वाल बात है। क्योंकि यदि पेशेंट अस्पताल आते हैं और किसी वजह से कोरोना पॉजिटिव हो जाते हैं तो उससे बेहतर है कि घर पर ही रहें। लेकिन दिक्कत यह है कि अधिकांश मरीज घर से डर की वजह से अस्पताल नहीं आ रहे और लंबे समय तक बिना जांच और डॉक्टर परामर्श के दवा लेना गंभीर हालात पैदा कर सकता है। इसका खतरा आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है। अभी मेडिसिन और पल्मोनरी और ट्रोमा के अलावा अन्य सभी तरह की ओपीडी और आईपीडी आधी से भी कम रह गई है। – डॉ. एसएम शर्मा, कार्डियोलॉजिस्ट, डॉ. कमल गोयल, न्यूरोसर्जन, डॉ. सतीश जैन, ईएनटी स्पेशलिस्ट, डॉ. मनीष शर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ।

    पिछले 7 दिनों की स्थिति
    तारीख ओपीडी आईपीडी

    15 अक्टूबर 5784 492
    14 अक्टूबर 5792 431
    13 अक्टूबर 6122 504
    12 अक्टूबर 6520 464
    11 अक्टूबर 1908 222
    10 अक्टूबर 4766 409
    09 अक्टूबर 5175 382
    08 अक्टूबर 5288 488



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