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Updated on October 26, 2020 5:44 pm
Monday, October 26, 2020
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    झारखंड के शिक्षा मंत्री की हालत नाजुक, CM सोरेने ने जाना हाल, इलाज के लिए चेन्नई से आएंगे डॉक्टर


    कोरोना संक्रमित झारखंड के शिक्षा मंत्री का हालत रविवार दोपहर को ज्यादा खराब हो गई। उसके बाद उन्हें मेडिका अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों ने महतो को एकमो सपोर्ट पर रखने की सलाह दी है।

    सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कृषि मंत्री बादल के साथ मेडिका पहुंचकर शिक्षा मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई दिनों से उन्हें बाहर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन हालात बेहतर नहीं होने की वजह से नहीं ले जा पा रहे हैं। एमजीएम हेल्थ केयर, चेन्नई से बात हुई है। वहां के लंग स्पेस्लिस्ट की टीम सोमवार को आने वाली थी, लेकिन मंत्री की हालत देखते हुए रविवार को ही आने का अनुरोध किया गया है। कोशिश कर रहे हैं कि किसी प्रकार से उन्हें बाहर ले जाया जाए।

    कृषि मंत्री बादल ने कहा कि एक तरफ देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकों से बातचीत हो रही है। वहीं वह मुख्यमंत्री के साथ बाबा के मंदिर में जाकर भी उनके स्वास्थ्य की कामना किए हैं। मेडिका के क्रिटिकल केयर इंचार्ज डॉ विजय मिश्रा ने बताया कि वेंटिलेटर पर जाने के बाद स्थिति उतनी बेहतर तो नहीं है, लेकिन सुधार हुआ है। ऑक्सीजन लेवल मेंटेन कर रहे हैं।

    एकमो सपोर्ट पर रखने के बाद ही हो सकेगा लंग ट्रांस्प्लांट
    मंत्री के लंग ट्रांस्प्लांट के बार में डॉ भट्टाचार्य ने बताया कि वर्तमान स्थिति में लंग ट्रांस्प्लांट किया जाना संभव नहीं है। शुक्रवार को भी मेदांता और एमजीएम, चेन्नई के विशेषज्ञों से बात हुई है। उन्होंने फिहलाल एकमो (एक्स्ट्रा कारपोरियल मेंब्रेन ऑक्सीजनेटर) सपोर्ट देने की हिदायत दी है। एकमो पर दो-तीन सप्ताह रखने के बाद उनके लंग्स को थोड़ा आराम मिलेगा। उसके बाद ही ट्रांस्प्लांट के बारे में सोचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि एमजीएम, चेन्नई के ट्रांस्प्लांट स्पेशलिस्ट डॉ बाला कृष्णन से बात हुई है। रविवार देर रात उनकी टीम के डॉ जिंदल व अन्य डॉक्टर मेडिका आ रहे हैं। मरीज की स्थिति का मुआयना करने के बाद ही वह कुछ निर्णय लेंगे। सरकार की ओर से उन्हें एयर लिफ्ट करने की भी पूरी तैयारी कर ली गई है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का खुद पूरी व्यवस्था की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

    हाई फ्लो के बावजूद 60 पहुंच गया था ऑक्सीजन लेवल
    शिक्षा मंत्री को रविवार दोपहर तक हाई फ्लो ऑक्सीजन एवं नॉन इन्वेसिव वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। लेकिन उसके बाद भी सुबह उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 80 पर आ गए। उसके बाद दोपहर दो बजे के करीब वह घटरक 60 पहुंच गया। जिसके बाद रिम्स के क्रिटिकल केयर एचओडी डॉ प्रदीप भट्टाचार्य को मेडिका से फोन आया। 20 मिनट में डॉ भट्टाचार्य वहां पहुंच भी गए। डॉ भट्टाचार्य ने बताया कि कुछ दवाएं दी गई, इनट्यूबेट किया गया। उसके बाद भी जब ऑक्सीजन लेवल नहीं बढ़ा जो फिर उन्हें पेट के बल लिटाया गया। जिसके बाद ऑक्सीजन लेवल में सुधार हुआ है। बता दें के 27 सितंबर को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद एक अक्टूबर को उन्हें मेडिका ले जाया गया।



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