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    तेल नहीं मिला तो मध्याह्न भोजन में बांट दिया केवल चावल


    Publish Date: | Mon, 19 Oct 2020 12:25 AM (IST)

    जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

    कोविड आपदा काल में बंद चल रहे स्कूलों के विद्यार्थयों को मध्याह्न भोजन से लाभांवित करने में सबसे पीछे चल रहे बस्तर जिले में एक नया मामला सामने आया है। यहां मार्च में स्कूल बंद होने के बाद तीसरे चरण में 10 अगस्त से पूर्व के 45 कार्य दिवस के लिए राशन वितरित करने लंबे समय तक रायपुर से राशन की खेप आने का इंतजार करके थक चुके शिक्षकों ने मध्याह्न भोजन के नाम पर केवल सूखा चावल बांट दिया। चावल का उठाव सार्वजनिक उचित मूल्य की दुकानों से शिक्षा विभाग द्वारा जारी कूपन से किया जाता है। कूपन हर माह समय पर मिल जाता है लेकिन राशन की आपूर्ति राजधानी रायपुर से किए जाने के कारण राशन आने में काफी विलंब होता है। कुछ शिक्षकों से चर्चा करने पर नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया गया कि चावल का उठाव कर लिया गया लेकिन स्कूल बंद होने से इसके भंडारण में दिक्कत हो रही थी, इसलिए केवल सूखा चावल ही बांट दिया गया। मध्याह्न भोजन से संबंधित राशन जिसमें दाल, तेल, मसाला, आचार आदि सामग्री शामिल है जब उपलब्ध कराया जाएगा, दोबारा बच्चों को बुलाकर यह सामग्री भी बांट दी जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार कुछ राशन रायपुर से आ गया है लेकिन तेल नहीं शामिल नहीं है। तेल आने का इंतजार किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चावल बांटा जा चुका है, बचा हुआ राशन भी जल्दी ही वितरित कर दिया जाएगा। जिला शिक्षा कार्यालय में मध्याह्न भोजन के नोडल अधिकारी ने बताया कि राशन की खेप आ गई है। आगामी दिनों के लिए भी राशन का मांगपत्र दिया जा चुका है।

    चौथे चरण का भी समय बीत रहा

    राज्य शासन से जारी आदेश के अनुसार चौथे चरण में 11 अगस्त से 31 अक्टूबर तक की अवधि के बीच 63 दिनों का मध्याह्न भोजन का राशन बांटा जाना है। यह समय भी गुजर रहा है लेकिन अभी यहां बस्तर जिले में तीसरे चरण का पूरा राशन नहीं बांटा जा सका है। विदित हो कि इस साल 13 मार्च से स्कूल बंद चल रहे हैं। स्कूल बंद होने से बच्चों को मध्याह्न भोजन के लिए राशन बांटने का आदेश है। शुरूआती महीनों में 45-45 दिनों के तीन चरणों में और चौथे चरण में 63 दिनों का राशन बांटना है। जिले में अभी तक दो चरणों में राशन का वितरण किया गया है। तीसरे चरण में केवल सूखा चावल बांटा गया है और चौथे चरण की तैयारी अभी शुरू नहीं हुई है।

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