भारत राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की 12वीं बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। इस उच्च स्तरीय आयोजन से पहले पर्यावरण कार्य समूह और जलवायु परिवर्तन पर संपर्क समूह के ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की जा रही है। यह पूरा कार्यक्रम भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के निर्धारित विषयों के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
बैठक का मुख्य विषय और अध्यक्षता
इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण’ रखा गया है। ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा किया जाएगा। पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, यह मंच आपसी सहयोग को मजबूत करने और ठोस चर्चाओं के माध्यम से सहमति को बढ़ावा देने का कार्य करेगा।
प्राथमिकता वाले प्रमुख क्षेत्र
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पर्यावरण कार्य समूह के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता के रूप में चिन्हित किया गया है। इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- सतत जीवन शैली को बढ़ावा देना
- वन संवर्धन, जंगल की आग का प्रबंधन और आपदा लचीलापन
- चक्रीय अर्थव्यवस्था
- जलवायु अनुकूलन उपाय
पर्यावरणीय सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में आपसी साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाना है। वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों और मंत्री स्तर की चर्चाओं से जलवायु परिवर्तन और स्थिरता से जुड़ी साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
प्राथमिक स्रोत: यह स्वतंत्र समाचार-सार Akashvani News की आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। पूरी जानकारी के लिए मूल दस्तावेज पढ़ें।



