केंद्र सरकार आगामी सोमवार को लोकसभा के समक्ष सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधन रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 प्रस्तुत करने के लिए तैयार है। यह प्रस्तावित विधेयक संसद के निचले सदन की सोमवार की आधिकारिक कामकाज सूची में शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से मौजूदा कानूनों में बदलाव किए जाने की योजना है।
विधेयक का उद्देश्य और संशोधन प्रक्रिया
इस नए विधायी प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2024 में लागू किए गए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) अधिनियम’ में आवश्यक संशोधन करना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में इस विधेयक के मसौदे को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसके बाद अब इसे संसद में विचार और पारित कराने के लिए लाया जा रहा है। सदन में यह महत्वपूर्ण विधेयक केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
कड़े प्रावधान और फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल ने परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। इसके तहत परीक्षा संबंधी कदाचार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना करने तथा दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु
- लोकसभा में सोमवार को पेश होगा संशोधन विधेयक
- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह रखेंगे प्रस्ताव
- फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रावधान
- कदाचार मामलों में कड़ी सजा सुनिश्चित करने की योजना
इस विधायी कदम का व्यावहारिक महत्व परीक्षा प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने और अनुचित साधनों पर कानूनी शिकंजा कसने से जुड़ा है। मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद अब इस संशोधन विधेयक को संसद के नियमों के अनुसार आगे की विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
प्राथमिक स्रोत: यह स्वतंत्र समाचार-सार Akashvani News की आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। पूरी जानकारी के लिए मूल दस्तावेज पढ़ें।



