नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मेडिकल डिवाइस 2026 कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने चिकित्सा तकनीक से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नॉलेज पेपर जारी किया है। इस दस्तावेज का शीर्षक ‘एआई इन मेडटेक: रिवॉल्यूशनाइजिंग हेल्थकेयर थ्रू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को रेखांकित करता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के लिए पाँच प्रमुख प्राथमिकताएं
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह रिपोर्ट स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जिम्मेदारी के साथ अपनाने की गति को तेज करने के लिए पाँच मुख्य प्राथमिकताओं को स्पष्ट करती है। इन प्राथमिकताओं में कई अहम बिंदु शामिल हैं:
- एआई-रेडी डेटा और साक्ष्य तैयार करना
- जीवनचक्र आधारित विनियमन और प्रतिपूर्ति तंत्र
- एआई-युक्त निदान का दायरा बढ़ाना
- सरकार, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और अकादमिक जगत के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करना
भारत की वैश्विक नेतृत्व की क्षमता
इस रिपोर्ट में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि भारत के पास अपनी डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर क्षमताओं, नैदानिक विविधता और बढ़ते मेडटेक विनिर्माण आधार का लाभ उठाने का एक सुनहरा अवसर है। इन सभी क्षमताओं के दम पर देश जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चिकित्सा तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
भविष्य की दिशा और सहयोग
इस पहल का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी बदलावों को सही दिशा देना और मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ तथा प्रभावी बनाना है। सरकार विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ मिलकर देश में चिकित्सा तकनीक के विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्राथमिक स्रोत: यह स्वतंत्र समाचार-सार Akashvani News की आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। पूरी जानकारी के लिए मूल दस्तावेज पढ़ें।



