ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय अभियान का दूसरा चरण शुरू

Date:

सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत ‘उद्यमिता पर राष्ट्रीय अभियान’ के दूसरे चरण का आधिकारिक शुभारंभ किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, यह विस्तारित अभियान आज से शुरू होकर आगामी 21 नवंबर तक यानी कुल तीन महीने की अवधि के लिए संचालित किया जाएगा।

अभियान का मुख्य उद्देश्य और प्राथमिकताएं

इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य छह करोड़ ‘लखपति दीदियां’ तैयार करने के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देना और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की उद्यमिता को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम के दौरान कृषि और गैर-कृषि दोनों क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक उद्यम प्रोत्साहन कैडर को मजबूत बनाने, डिजिटल तथा ई-कॉमर्स माध्यमों को बढ़ावा देने और उत्पादक समूहों तथा उद्यमों को आर्थिक रूप से सशक्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

निर्धारित किए गए प्रमुख लक्ष्य

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा इस तीन महीने की अवधि के लिए कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए गए हैं, जिनका विवरण निम्नलिखित है:

  • पचास हजार सामुदायिक कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण।
  • पांच लाख स्वयं सहायता समूह महिलाओं के लिए उद्यमिता और आजीविका प्रशिक्षण।
  • स्वयं सहायता समूह परिवारों की पांच लाख किशोरियों का डेटाबेस तैयार करना।
  • पचास हजार उद्यमों के लिए औपचारिकरण में सहायता प्रदान करना।
  • उत्पादक समूहों और उद्यमों की सदस्यता को बढ़ाकर दो लाख तक पहुंचाना।
  • बीस लाख महिलाओं के बीच कृषि-पारिस्थितिक प्रथाओं को बढ़ावा देना।
  • पच्चीस हजार स्वयं सहायता समूह सदस्यों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस पहल से ग्रामीण भारत में स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है। डिजिटल साक्षरता और ई-कॉमर्स के उपयोग से ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को एक बड़ा बाजार मिलने की संभावना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और स्थानीय स्तर पर टिकाऊ आजीविका के साधनों को मजबूती मिलेगी।

प्राथमिक स्रोत: यह स्वतंत्र समाचार-सार Akashvani News की आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। पूरी जानकारी के लिए मूल दस्तावेज पढ़ें।

Share post:

spot_imgspot_img

More like this
Related

अहिंसा भारत की संस्कृति का अभिन्न अंग, सुरक्षा से समझौता नहीं: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली के एक कार्यक्रम में कहा कि शांति और अहिंसा देश की संस्कृति में निहित हैं, लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और शासन से जुड़े मंत्रालयों के भविष्य के कार्य एजेंडे पर चर्चा हुई।

अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को बताया भारत का अहम अंग

भारत में अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपनी पहली जम्मू-कश्मीर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और क्षेत्र को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा करार दिया।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की व्यवस्था में बड़े बदलाव, नए विशेषज्ञों की नियुक्ति और चार-स्तरीय सुरक्षा लागू

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने अपनी परीक्षा प्रणाली में व्यापक फेरबदल करते हुए लगभग 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल करने का निर्णय लिया है।